September 20, 2020
वाराणसी अपडेट

वाराणसी में चल रहे अवैध रूप से 47 चिकित्सालय बिना प्रदूषण नियंत्रण एंव अग्निशमन सुरक्षा अनापत्ति प्रमाण पत्र के चल रहे चिकित्सालय

संजय कुमार सिंह सामाजिक एवं आरटीआई कार्यकर्ता की नजर नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के स्वास्थ्य विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार पर पड़ी चिकित्सालयों के नवीनीकरण में व्याप्त भ्रष्टाचार में वाराणसी के सीएमओ डॉक्टर वी बी सिंह व डॉक्टर जगबहादुर, नोडल अधिकारी पंजीयन वाराणसी हैं।
जिन्होंने प्रतिवर्ष माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में नवीनीकरण हेतु प्रतिवर्ष विज्ञापन जारी किया जाता है जिसमें यह कहा जाता है कि 30 अप्रैल तक उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का प्राधिकार पत्र एवं अग्निशमन विभाग द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य है इसके बिना पंजीकरण नवीनीकरण नहीं किया जाएगा 30 अप्रैल के बाद किए गए आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा जिन केंद्रों का पंजीकरण निर्धारित अवधि में नहीं होगा उनका पंजीकरण स्वत: निरस्त हो जाएगा शासन महानिदेशालय के स्तर से प्राप्त निर्देशों के नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी
माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद के निर्देशों एवं माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के ज़ीरो टालरेंन्स व भ्रष्टाचार मुक्त शासन प्रशासन की धज्जियां उड़ाते हुए सीएमओ डॉक्टर वी वी सिंह एंव दो दिन पहले कोरोना मृतक नोडल अधिकारी जगबहादुर द्वारा स्वयं के द्वारा निकाले हुए विज्ञापन के विरुद्ध निम्नलिखित चिकित्सालयों की बिना अग्निशमन विभागों की एनओसी अनापत्ति प्रमाण पत्र के ही नवीनीकरण करते हुए संचालित कराई जा रही है बिना अग्निशमन विभाग की एनओसी के चिकित्सालयों की अनुमति देते हुए आयुष्मान भारत एवं सरकारी कर्मचारियों के इलाज के लिए बनाए गए पैनल में भी रखा गया है उक्त मामले की जांच होनी चाहिए हजारों लोगों की जिंदगी को प्रतिदिन दाव पर लगाने वाले चिकित्सालय के रजिस्ट्रेशन को तत्काल प्रभाव से निरस्त करते हुए 30 अप्रैल के बाद आयुष्मान भारत योजना, केंद्रीय तथा राज्य कर्मचारियों वं बीमा कंपनियों द्वारा किए गए भुगतान की तत्काल वसूली की जाए
सीएमओ डॉ वी बी सिंह को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया जाए। तथा उनके द्वारा अर्जित संपत्ति की जांच ईडी से कराते हुए व चिकित्सालयों के नवीनीकरण पंजीकरण की जांच सीबीआई से कराई जाये तथा उक्त चिकित्सालयों के खिलाफ कार्यवाही की जाए चिकित्सालयों को सीज किया जाए तथा रजिस्ट्रेशन व चिकित्सालयों की विकास प्राधिकरण वाराणसी से पास नक्शे की भी जांच की जाए।

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