March 6, 2021
क्राइम नई दिल्ली

8 साल के बच्चे के साथ सौतेली मां ने की बर्बरता, शरीर पर मिले गहरे घाव, दिल्ली महिला आयोग ने बचाया

दिल्ली के हरिनगर इलाके से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। एक 8 साल के बच्चे को उसकी सौतेली मां द्वारा बहुत बुरी तरह से मारा पीटा जा रहा था। बच्चे की चीखें सुन मंगलवार को पड़ोस के लोगों ने दिल्ली महिला आयोग (DCW) के हेल्पलाइन नंबर पर इसकी सूचना दी। अयोग ने मौके पर पहुंचकर बच्चे को बचाया।

आयोग ने हेल्पलाइन नंबर 181 पर आई कॉल के तुरंत बाद टीम गठित की जो की मौके पर पहुंची। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने कई बार इसकी शिकायत पुलिस को भी की थी, लेकिन पुलिस द्वारा इसे घर का मामला बताकर कोई कार्रवाई नहीं की गई। शिकायतकर्ता ने अपने फोन में एक वीडियो भी दिखाई जिसमें बच्चा चीखता हुआ दिखाई व सुनाई दे रहा है और उसे पीटने की भी आवाजें सुनाई दे रही हैं। इतना ही नहीं, टीम जिस समय मौके पर पहुंची उस वक्त भी घर से बच्चे के रोने और चीखने की आवाजें सुनाई दे रही थीं। आयोग ने पुलिस को फोन कर पीसीआर वैन को बुलाया और बच्चे को घर से सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद बच्चे और उसकी सौतेली मां को हरिनगर पुलिस थाने ले जाया गया।

बच्चे की काउंसलिंग की गई

पुलिस थाने ले जाकर बच्चे की काउंसलिंग की गई। बच्चा बहुत डरा हुआ था और कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं था, हालांकि काउंसलिंग के बाद बच्चे ने अपनी आपबीती बताई। बच्चे ने बताया कि उसके साथ रोज उसकी सौतेली मां द्वारा मारपीट की जाती थी, कई बार उसे खाना नहीं दिया जाता था और ना ही उसे घर से बाहर निकलने दिया जाता था। बच्चे ने बताया कि जब मां बाहर जाती थी तो उसे रस्सी से बांधकर जाती थी। आयोग के बताया कि बच्चे के हाथ पर जख्मों के निशान उसके साथ हुई बर्बरता की कहानी साफ दर्शाते हैं। उसके हाथ पर कंघी से हमला करने के भी निशान हैं, जिसकी वजह से हाथ में छोटे गहरे घाव हो गए हैं। उसके पूरे हाथ सूजे हुए हैं। पीठ पर नोंचने के निशान हैं। सिर में अमानवीय चोटें हैं और पूरे शरीर पर गंभीर जख्म हैं। अच्छी तरह से खाना न मिलने के कारण बच्चा कमजोर भी हो गया है।

बच्चे को मेडिकल जांच के बाद पिता को सौंपा गया

बच्चे के बयान के आधार पर इस मामले में हरिनगर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। बच्चे को मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया। जांच के बाद बच्चे को आश्रयगृह ले जाया गया और उसके बाद बुधवार को उसे चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के सामने पेश किया गया। कमेटी ने बच्चे के पिता को बुलवाया, पिता ने बताया कि ये उसकी दूसरी शादी है और लॉकडाउन के बाद से ही वो मुंबई में रह रहा था और उसका बच्चा दिल्ली में उसकी पत्नी के साथ रह रहा था। कमेटी के समक्ष बच्चे के पिता ने लिखित आश्वासन दिया कि वो बच्चे की सुरक्षा का ध्यान रखेगा और बच्चा मैंगलोर में अपने दादा दादी के पास रहेगा। इसके चलते कमेटी ने बच्चे को उसके पिता को सौंप दिया है।

स्वाति मालीवाल ने अफसोस जताया

इस मामले का संज्ञान लेते हुए DCW अध्यक्ष स्वाति मालिवाल ने चाइल्ड वेलफेयर कमेटी को पत्र लिखकर अफसोस जताया है। उन्होंने कहा कि न तो अब तक सौतेली मां के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है और उल्टा बिना जांच-पड़ताल बच्चे को उसके पिता को सौंप दिया गया है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि बच्चा अपनी दादी के साथ रहना चाहता है पर उसे उसके पिता के साथ बिना किसी जांच-पड़ताल के जाने देना कितना सही होगा, जबकि पिता ने भी बच्चे की सुध नहीं ली। उन्होंने कमेटी से अनुरोध करते हुए लिखा है कि मामले में सौतेली मां के खिलाफ एफआईआर कराएं और ये सुनिश्चित किया जाए की बच्चा सुरक्षित उसकी दादी के पास मैंगलोर पहुंच जाए।

आयोग ने कहा पुलिस को नोटिस भेज रहे हैं

स्वाति मालीवाल ने कहा कि ये मामला बहुत ज्यादा संगीन और डराने वाला है। आयोग ने अपने कार्य क्षेत्र से बाहर जाते हुए छोटे बच्चे को बचाया। नन्हें से मासूम के साथ इस प्रकार की मारपीट और दुर्व्यवहार पूरी इंसानियत को शर्मसार करता है। इतने गंभीर मामले में भी एफआईआर दर्ज न होना बहुत ही दुखद है। आयोग ने कहा कि पुलिस को नोटिस भेज रहे हैं।

Courtesy :https://www.livehinustan.com/

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