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Breaking: अमेरिकी एफ-16 ने नहीं बल्कि चीनी फाइटर जेट JF-17 ने गिराया था मिग-21

बीजिंग: एक माह पहले भारत और पाकिस्‍तान के रिश्‍तों में उस समय नया मोड़ आया जब पाकिस्‍तान के बालाकोट में एयर स्‍ट्राइक हुई. इसके अगले दिन जम्‍मू कश्‍मीर में पाकिस्‍तान एयरफोर्स के जेट दाखिल हुए, कश्‍मीर में डॉगफाइट हुई. इस डॉगफाइट में एक एफ-16 ढेर हुआ तो मिग-21 भी क्रैश हुआ. अब चीन ने यह दावा किया है कि मिग-21 को अमेरिकी जेट एफ-16 ने नहीं बल्कि चीनी जेट जेएफ-17 ने ढेर किया था. आपको बता दें कि 27 फरवरी को विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान ने एक एफ-16 ढेर किया था. पाकिस्‍तान अभी तक इस बात को मानने से इनकार करता आ रहा है कि उसका कोई जेट इस डॉगफाइट में क्रैश हुआ है.

हो ही नहीं सकता एफ-16-
चीन की नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी (एनडीयू) में प्रोफेसर जिन यीनाना ने कहा है कि अमेरिकी जेट एफ-16 ने नहीं बल्कि हो सकता है जेएफ-17 ने आईएएफ के जेट मिग-21 को गिराया हो. जिन का कहना था कि जमीन से हवा में मार कर सकने वाली मिसाइल नहीं बल्कि हवा से हवा में मार कर सकने वाली मिसाइल ने मिग-21 को गिराया था. जेएफ-17 को चीन और पाकिस्‍तान ने मिलकर तैयार किया है. जिन का इंटरव्‍यू एक चीनी वेबसाइट पर पब्लिश हुआ था. इस वेबसाइट को पीपुल्‍स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ऑपरेट करती है।.

जेएफ-17 के नए वर्जन पर काम-
इस इंटरव्यू में उन्‍होंने उन सभी बातों को मानने से इनकार कर दिया जिसमें कहा गया था कि एफ-16 ने मिग-21 को ढेर किया था. जिन एक रिटायर्ड जनरल हैं और वह एनडीयू के रिसर्च इंस्‍टीट्यूट में डायरेक्‍टर भी रह चुके हैं. जिन का यह बयान ऐसे समय में आया है जब चीन की ओर से इस बात का ऐलान किया गया है कि वह, पाकिस्‍तान के साथ मिलकर जेएफ-17 को अपग्रेड करने में लगा हुआ है. चीनी जेट के चीफ डिजायनर और चीनी सांसद यांग वेई ने पिछले दिनों कहा था कि जेएफ-17 के ब्‍लॉक थ्री का डेवलपमेंट और प्रोडक्‍टशन जारी है.

जिन ने दिए हैं ये तर्क-
जिन ने कहा कि अगर पाकिस्‍तान यह कह रहा है कि उसका कोई भी जेट ढेर नहीं हुआ है तो उसकी बात तीन वजहों से विश्‍वसनीय है. पहली तो अमेरिका ने पाक को एफ-16 की बिक्री बंद कर दी है. पाक के पास अब सिर्फ 20 ही एफ-16 हैं जिसमें से कई इस तरह के मिशन के लिए उपयुक्‍त नहीं हैं. दूसरा पाकिस्‍तान ने अमेरिका के साथ एक समझौते पर साइन किए हैं जिसमें कहा गया है कि एफ-16 को किसी भीआक्रामक मिशन के लिए प्रयोग नहीं किया जाएगा. जिन ने यह भी कहा कि इंडियन एयरफोर्स एफ-16 की क्षमता से काफी अच्‍छे से वाकिफ है.

एफ-16 के प्रयोग की संभावना कम
तीसरी वजह जो जिन ने बताई उसमें उन्‍होंने कहा है कि भारतीय सेना के पास पहले से ही एफ-16 का सारा डाटा मौजूद है. भारत की सेना अब एफ-21 को खरीदने वाली है जो एफ-16 का अपग्रेडेड वर्जन है. ऐसे में भारतीय पक्ष को एयरक्राफ्ट की क्षमताओं के बारे में सारी जानकारी होगी. ऐसे में इस बात की संभावना बहुत कम है कि पाक एफ-16 जेट्स को इस तरह के मिशन के लिए प्रयोग करेगा. जिन ने यह भी कहा कि आईएएफ के पास जो भी बड़े फाइटर जेट्स हैं वे सभी पुराने हो चुके हैं.

26 और 27 फरवरी को आया रिश्‍तों में तनाव-
26 फरवरी को खैबर पख्‍तूनख्‍वा में स्थित बालाकोट में आईएएफ के फाइटर जेट मिराज-2000 दाखिल हुए थे. इन जेट्स ने जैश-ए-मोहम्‍मद के अड्डों को निशाना बनाया था. इसके बाद 27 फरवरी को पीएएफ के 24 जेट्स कश्‍मीर में दाखिल हुए थे. इनका मकसद भारत के मिलिट्री संस्‍थानों को निशाना बनाना था. 28 फरवरी को हुई एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में आईएएफ ने उस मिसाइल एमराम के हिस्‍से को दिखाया था जिसे मिग-21 ने ढेर कर दिया था.

 

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