April 18, 2021
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वाराणसी में कोयला कारोबारी के आवास पर कस्टम का छापा, 45 लाख मिला कैश

उत्तर प्रदेश के वाराणसी जनपद के सिगरा स्थित कोयले के बड़े कारोबारी व निर्यातक के आवास पर कस्टम विभाग के छापे में शुक्रवार को 45 लाख नकदी और करोड़ों की प्रापर्टी के दस्तावेज बरामद हुए। नकदी मिलने के बाद आयकर विभाग की टीम भी पूछताछ के लिए कारोबारी के आवास पर आ धमकी।

आय के स्रोत सहित अन्य जांच पड़ताल में आयकर अधिकारी जुटे हैं। वहीं दूसरी ओर कारोबारी के आवास और गोदाम पर दूसरे दिन भी हड़कंप की स्थिति रही। कस्टम विभाग लखनऊ व वाराणसी की 20 सदस्यीय अफसरों की टीम ने बृहस्पतिवार को कोयला कारोबारी के आवास और चंधासी स्थित गोदाम सहित चार ठिकानों पर छापा मारा था।

शुक्रवार सुबह कस्टम अधिकारियों ने आयकर विभाग को नगदी और प्रॉपर्टी के कागजात सौंप दिये। आयकर विभाग कोयला कारोबारी के खिलाफ वारंट बनाएगा। शुक्रवार को कारोबारी के आवास पर देर शाम तक आयकर की टीम मौजूद रही। आयकर की प्रारंभिक जांच में कारोबारी ने इस नगदी के स्रोत और प्रॉपर्टी की खरीद के संबंध में संतोषजनक जवाब नहीं दिया है। आयकर अधिनियम के तहत यदि कोयला कारोबारी संपत्ति और नगदी का स्रोत नहीं बता पाते हैं तो विभाग सर्च वारंट जारी कर छापेमारी करेगा। कस्टम के डिप्टी कमिश्नर अभिजीत पेगू के नेतृत्व में छापेमारी की गई थी। इसमें संयुक्त आयुक्त अजय मिश्रा, सहायक आयुक्त पीके सिंह समेत अन्य अधिकारी शामिल थे।

विभाग सतर्क रहता तो चोरी नहीं

कस्टम विभाग ने कोयला कारोबारी पर बोगस निर्यात व जीएसटी रिफंड की चोरी का केस बनाया है। वास्तव में इस गड़बड़ी के लिए कस्टम विभाग और जीएसटी अधिकारी जिम्मेदार हैं। कारोबारी ने बिना कस्टम क्लीयरेंस के निर्यात नहीं किया। इसी तरह पांच करोड़ के जीएसटी रिफंड के क्लेम पर जीएसटी अधिकारियों को कस्टम विभाग को पत्र लिखकर जानकारी लेनी चाहिए थी। उल्लेखनीय है कि जीएसटी विभाग में पहले ही 36 लाख रुपये के बोगस निर्यात के मामले में जांच की गई थी। उसमें दो अधिकारियों को दोषी भी माना गया है। माधोसिंह डिपो से साल 2017-18 में निर्यात के मामले में जांच हुई थी।

इंडोनेशिया से कोयला मंगाकर नेपाल को निर्यात
कर चोरी और बोगस निर्यात दिखाकर जीएसटी रिफंड लेने की सूचना पर कस्टम विभाग लखनऊ के बड़े अफसरों के नेतृत्व में वाराणसी इकाई के अधिकारियों ने कोयला कारोबारी के आवास पर छापा मारा था और जांच में मालूम चला कि कारोबारी इंडोनेशिया से कोयला मंगाकर नेपाल को निर्यात करता था।

खरीद और निर्यात के बीच 15 करोड़ से अधिक की गड़बड़ी टीम को मिली। इसके साथ ही शहर सहित बडे़ महानगरों में भूमि, फ्लैट और फार्म हाउस के दस्तावेज भी कस्टम अफसरों के हाथ लगे हैं। आयकर के एक अधिकारी ने बताया कि आय के स्रोत के बारे में कारोबारी से पूछताछ की जा रही है। जांच में सहयोग नहीं मिलने पर छापा की कार्रवाई की जाएगी।

कारोबारी ने नियम कानून को ताक पर रखा
कस्टम अफसरों के अनुसार कारोबारी ने अपने प्रभाव के बूते नियम कायदे को भी ताक पर रख दिया। पाबंदी के बाद भी नेपाल को कोयले का निर्यात करता रहा। बिना कस्टम ड्यूटी मंगाए गए कोयले का नेपाल को निर्यात कर कई गुना लाभ कमाया है।

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