क्राइम मध्य प्रदेश

अवैध संबंधों के चलते डॉक्टर ने ड्राइवर के किए 50 टुकड़े, फिर गलाने के लिए 100 बोतल एसिड में डाले

भोपाल: इटारसी के सरकारी अस्पताल में पदस्थ हड्डी के डॉक्‍टर ने होशंगाबाद में रहने वाले डॉ. सुनील मंत्री ने अपने ड्राइवर वीरू उर्फ वीरेंद्र पचौरी द्वारा लगातार ब्लैक मैल करने से परेशान हो कर उसको न केवल मौत के घाट उतारा बल्कि उसकी लाश के आरी से 50 टुकड़े कर उनको ऐसिड से भरे ड्रम में गलाने के लिए डाल दिया. अंतिम समय में पड़ोसियों ने पुलिस को खबर कर दी जिसके बाद इस सनसनीखेज वारदात का खुलासा हो सका है.

SP होशंगाबाद अरविंद सक्सेना के अनुसार डॉ. सुनील मंत्री की बीवी का बुटीक था. जिसमें ड्राइवर वीरू की पत्नी काम किया करती थी. वही पिछले साल डॉक्‍टर की बीवी का देहांत हो गया था. परन्तु डॉ ने उस बुटीक को बन्द नहीं किया बल्कि वीरू की पत्नी वह बुटीक चलाती रही. यहीं से डॉक्‍टर और उक्त महिला के अवैध संबंध शुरू हुए. जिसकी भनक वीरू को लग चुकी थी और वह डॉक्‍टर को लगातार ब्लैकमेल कर रहा था. डॉक्‍टर वीरू की पत्नी के साथ जिंदगी गुजरना चाहते थे. लगातर हो रही अड़ीबाजी से परेशान डॉक्‍टर ने यह बेरहम कदम उठाया.

SP अरविंद सक्सेना के अनुसार डॉ. सुनील मंत्री का ड्राइवर वीरू रोजाना की तरह उनको सोमवार को लेकर इटारसी अस्पताल पहुंचा था. जहां रास्ते में उसको तेज दांत का दर्द उठा तो डॉ मंत्री ने सरकारी अस्पताल में ही उसे दंत चिकित्सक को दिखाया और दवाई दिलवाई. जब शाम को ड्राइवर उन्हें छोड़ने घर आया तो डॉ मंत्री ने उससे कहा कि उसको दर्द का एक इंजेक्शन लगवाना होगा. जिसके बाद डॉक्‍टर ने वीरू को बेहोशी का इंजेक्शन लगाया. इंजेक्शन लगते ही बेहोश हुए वीरू को डॉ. मंत्री बाथरूम में ले जाकर सर्जिकल चाकू से गला रेत कर मौत के घाट उतार दिया.

डॉ मंत्री ने वीरू को मौत के घाट उतार कर उसकी लाश को ठिकाने लगाने का प्लान बनाया इसके तहत ही उसने सर्जिकल चाकू और आरी की मदद से अपने घर के बाथरूम में लाश के 50 से ज्यादा टुकड़े कर उनको ठिकाने लगाने के प्लान पर रात भर काम किया. पुलिस कप्तान अरविंद सक्सेना के अनुसार डॉ ने सोमवार को रात 9 बजे से 1 बजे तक लाश के कुछ टुकड़े किये जिसके वह थककर सो गया. वही डॉ.मंत्री मंगलवार को सुबह से फिर लाश के टुकड़े करने में जुट गया था.

डॉ मंत्री ने अपने ड्राइवर के टुकड़े कर उनको एक ड्रम में भरे ऐसिड में गलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी. जिसके लिए उसने बाजार से 100 बोतल ऐसिड खरीद कर लाया था. इन बोतलों में भरे ऐसिड को उसने ड्रम में भरा और लाश के टुकड़ो को उसमें डाल कर गला रहा था.

डॉ. मंत्री मंगलवार को बार-बार अपने घर के बाहर आ कर झांक रहा था. वही बदहवासी की हालत में उसके हाव-भाव सामान्य नहीं लग रहे थे. दूसरी ओर इलाके में एसिड की गंध भी जम कर फैल रही थी. जिससे पड़ोसियों को शक हुआ और सूचना पुलिस के गुप्तचर विभाग में काम करने वाले एक अफसर के पास पहुंची जिसके बाद पुलिस ने आनन्द नगर स्थित डॉ. सुनील के घर छापा मारा तो वहां का मंजर देख उसकी आंखें भी फटी रह गई.

 

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