July 4, 2020
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वाराणसी में रथयात्रा के लिए नहीं निकलेंगे प्रभु जगन्नाथ, 218 वर्षों में पहली बार नहीं सजेगा मेला

बनारस में 218 वर्षों के इतिहास में पहली बार होगा जब रथयात्रा का लक्खा मेला नहीं सजेगा। संबंधित सभी विधान अस्सी स्थित उनके मंदिर में निभाए जाएंगे।

कोरोना संक्रमण आपदा को देखते हुए श्रद्धालुओं के हित में नाथों के नाथ प्रभु जगन्नाथ भी शारीरिक दूरी के नियमों में बंध जाएंगे। स्वस्थ होने के बाद न मनफेर के लिए निकलेंगे और न ही रथयात्रा जाएंगे। बनारस में 218 वर्षों के इतिहास में पहली बार होगा जब रथयात्रा का लक्खा मेला नहीं सजेगा। संबंधित सभी विधान अस्सी स्थित उनके मंदिर में निभाए जाएंगे। इसमें साथ होंगे पुजारी जो खानपान के इंतजाम करेंगे।

ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा पर रथयात्रा मेला के आधार अनुष्ठान के तहत प्रभु समेत भइया बलभद्र व बहन सुभद्रा को स्नान की रस्म भी इसी तरह निभाई गई थी। ट्रस्ट श्री जगन्नाथ जी के सचिव आलोक शापुरी ने बताया कि कोरोना संक्रमण के मद्देनजर प्रदेश सरकार के प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए 23 से 25 जून तक रथयात्रा चौराहे लगने वाला मेला स्थगित किया गया है। कारण यह कि प्रदेश शासन की ओर से किसी धार्मिक और सामाजिक आयोजन पर 30 जून तक रोक है।

रथयात्रा मेला से ही काशी में पर्व-उत्सवों का आरंभ माना जाता है। इसका आधार उत्सव जेठ पूर्णिमा पर भगवान जगन्नाथ को भक्तजन स्नान करा कर करते हैैं। लोकाचार के तहत इसके बाद प्रभु अस्वस्थ होते हैैं और पखवारे भर के लिए विश्राम पर जाते हैैं। इस दौरान उन्हें काढ़े का भोग लगाया जाता है।

प्रथम पथ्य में परवल के पकवान

लोकाचार अनुसार मंदिर के पुजारी ने सोमवार को प्रभु के स्वस्थ होने की घोषणा की और प्रथम पथ्य के रूप में परवल का जूस दिया गया। मंगलवार को खानपान में पूड़ी-कोहड़े की सब्जी, दही-खांडसारी, कटहल का अचार परोसा जाएगा। अगले दो दिनों तक भी खानपान का ध्यान रखा जाएगा लेकिन यात्रा से परहेज रहेगा।

पुरी पुराधीश्वर की रथयात्रा के विधान ज्येष्ठ पूर्णिमा पर होते हैं शुरू

पुरी पुराधीश्वर की रथयात्रा के विधान ज्येष्ठ पूर्णिमा पर शुरू होते हैं। इसी दिन नाथों के नाथ प्रभु जगन्नाथ को भक्तगण गर्मी की तपिश से निजात दिलाने के लिए कलश यात्रा निकालते हुए स्नान कराते हैं। इसके साथ ही तीन दिनी लक्खा मेला की रस्म शुरू हो जाती है। इसके ठीक एक पखवारे बाद  भगवान जगन्नाथ, भइया बलभद्र व बहन सुभद्रा के साथ मनफेर के लिए निकलेंगे और रथयात्रा महोत्सव आरंभ होगा।

Courtesy : https://www.jagran.com /

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