November 26, 2020
वाराणसी अपडेट

गृह मंत्रालय को नहीं पता, राष्ट्रपिता कब बने महात्मा बापू

गृह मंत्रालय को पता ही नहीं है कि वह कौन सी तारीख थी, जिस दिन महात्मा गांधी को आधिकारिक रूप से राष्ट्रपिता घोषित किया गया था। इस बात का खुलासा बनारस के युवा की ओर से दाखिल की गई आरटीआई से हुआ है।

बनारस के अस्सी क्षेत्र निवासी पेशे से मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव युवक कमलेश सिंह ने सूचना के अधिकार के तहत गृह मंत्रालय से यह जानकारी मांगी थी। कमलेश ने 13 अगस्त को पंजीकृत डाक से अपने प्रश्न गृह मंत्रालय को भेजे थे। उन्होंने जानना चाहा था कि किस सन् में, किस तारीख को, किस व्यक्ति ने सर्वप्रथम इस बात की आधिकारिक घोषणा की थी। 13 अगस्त को भेजी आरटीआई का जवाब 29 अक्तूबर को लिखा गया। वह जवाब 19 नवंबर को कमलेश को प्राप्त हुआ। कमलेश ने बड़ी उम्मीद के साथ लिफाफा खोला, लेकिन लिफाफे में रखा जवाब पढ़ने के बाद उन्हें निराशा हुई। जानकारी के नाम पर सिर्फ इतना लिखा हुआ था कि आप द्वारा मांगी गई जानकारी से संबंधित कोई विवरण मंत्रालय के पास उपलब्ध नहीं है।

यह उत्तर गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव राकेश कुमार सिंह की ओर से लिखा गया है। कमलेश सिंह ने बताया कि अनौपचारिक रूप से बापू को राष्ट्रपिता कह कर पहला संबोधन सरोजनी नायडू ने 28 अप्रैल 1947 को एक प्रेसकॉन्फ्रेंस में किया था। यह जानकारी होने के बाद मैंने आधिकारिक रूप से राष्ट्रपिता घोषित किए जाने का दिन जानने की जिज्ञासा से गृह मंत्रालय से सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी थी।

Courtesy :https://www.livehinustan.com/

Related Posts