June 2, 2020
खास खबर राष्ट्रीय सेहत

क्या आपको लगता हैं लॉकडाउन क़ो 31 मई के बाद भी बढ़ाया जाएगा?

हम सभी ने भारत सरकार को और सभी राज्य सरकार को उन्होंने जिस तरह से कोवीड़-19 को फैलने से रोकने का काम किया है उसके लिए हमेशा के लिए शुक्रिया करना चाहिए। 135 करोड़ से भी ज्यादा जनता को काबू में रखना उनको समय-समय पर इस बीमारी के बारे में प्रशिक्षित करना और इस कठिन घड़ी में जिस तरह से जनता ने भी सरकार का साथ दिया है उसके लिए सभी धन्यवाद के पात्र है।

लेकिन यह क्या इतना करने के बावजूद हम बीमारी पर काबू नहीं कर पाए क्या यह सच है बिल्कुल नहीं हमने बीमारी को बहुत ही अच्छी तरह से मैनेज किया है और इससे आने वाले समय में बढ़ने का प्रमाण काफी हद तक कम होगा। अगर हम लोग भारत में मरने वाले भी पिछले आंकड़ों का अध्ययन करें तो अभी के आंकड़े बहुत ही सामान्य है। जहां हर दिन करीबन 27000 लोग अपनी जान गवा देते हैं वहां पर हमने करुणा से 2 महीने में तीन से 4% लोगों को ही बचाने में असमर्थ रहे। जबकि हम लोग एक लाख का आंकड़ा पार कर रहे हैं लेकिन हर तीसरा आदमी ठीक हो कर घर भी जा रहा है। सारी परिस्थितियों को मद्देनजर रखते हुए ऐसा लगता है के हम सभी इस बीमारी से लड़ने के लिए तैयार हो चुके हैं। और असली लड़ाई अब हमें हमारी जिंदगी सामान्य करने में और बीते दिनों में जो आर्थिक नुकसान हुआ है उसको भरपाई करने में शुरू करनी होगी।

लॉक्लडाउन लगाना यह एक इस बीमारी से सभी को प्रशिक्षित करने का मार्ग था और अब हम सभी को इस बीमारी का मूल कारण पता चल चुका है और लगभग भारत का हर व्यक्ति इससे निबटने के लिए तैयार है। इसलिए 31 मई के बाद लॉक डाउन शायद नुमसिफ ना होगा। लेकिन इसका मतलब यह भी नहीं कि हम फिर शुरू से हमारी जिंदगी जैसी थी वैसी शुरू कर सकें। सरकार ने भी आप सभी को इस बारे में थोड़ी ढील देकर अंदेशा दे दिया है और उस हिसाब से आप जिस क्षेत्र में काम कर रहे हो उसने आवश्यक बदलाव लाकर फिर से जिंदगी शुरू कर सकते हो। लेकिन यह लड़ाई जब तक आखरी होगी ठीक नहीं होता और इस बीमारी का नामोनिशान खत्म नहीं होगा तब तक खत्म नहीं होगी।

तो यह समझ लेना जरूरी है कि 31 मई के बाद भी अगर आप सोशल डिस्टेंसिंग नहीं रख सकते तो आपके लिए लॉक डाउन जारी है और आप शोषण डिस्टेंसिंग रख सकते हो तो आपके लिए लॉक डाउन खत्म हो गया है।

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