August 9, 2020
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माइकल हस्सी ने की पोंटिग और धोनी की कप्तानी की तुलना, बोले- MSD लगातार चाहे 4 मैच जीते या हारें, एक समान रहते हैं

पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर माइकल हस्सी उन खिलाड़ियों में हैं, जो क्रिकेट इतिहास के दो सबसे सफल कप्तानों के साथ खेले हैं- एक रिकी पोंटिंग और दूसरे महेंद्र सिंह धोनी। हस्सी ने रिकी पोंटिंग के नेतृत्व में डेब्यू किया और महेंद्र सिंह धोनी के नेतृत्व में आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के लिए छह सीजन खेले। पोंटिंग और धोनी अपने अपने देशों के सफल और सम्मानित कप्तान हैं। हाल ही में हस्सी ने धोनी और पोंटिंग के बारे में बात करते हुए दोनों की खासियतों के बारे में बताया।

रिकी पोंटिंग ने 2003 और 2007 का विश्व कप ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम को जितवाया। जबकि धोनी ने टीम इंडिया को तीनों आईसीसी ट्रॉफी जितवाई- टी20 वर्ल्ड कप 2007, वनडे वर्ल्ड कप 2011 और चैंपियंस ट्रॉफी 2013। हस्सी ने अधिकांश अंतरराष्ट्रीय करियर पोंटिंग की कप्तानी में खेला तो वहीं सीएसके के साथ खेलते हुए धोनी को करीब से देखा।

माइकल हस्सी ने कहा कि पोंटिंग और धोनी लगातार हार या जीत पर एक जैसे रहते हैं और यही एक अच्छे लीडर का गुण हैं। पूर्व भारतीय कप्तान की प्रशंसा करते हुए हस्सी ने कहा, ”धोनी चाहे चार मैच भारत के लिए जीतें या हारें, वह कभी दबाव में नहीं आते। यही बात उन्हें बेहतर बनाती है।”

चेतन नरुला के साथ हॉटस्पॉट पॉडकास्ट पर हस्सी ने कहा, ”टीम अच्छा कर रही है या खराब कर रही है, पोंटिंग और धोनी शांत रहते हैं। मिसाल के तौर पर रिकी चाहे शून्य पर आउट हों या शतक बनाएं, वह एक जैसा ही रहते हैं। यही स्थिति धोनी की है। दोनों का यह अंदाज बिल्कुल एक जैसा है। मुझे लगता है किसी भी लीडर के लिए यह सबसे अच्छा गुण है।”

हस्सी ने कहा, ”यदि आप भावुक कप्तान हैं तो टीम भी उसी के अनुसार आगे बढ़ेगी, लेकिन यदि आप कंट्रोल आर काम हैं तो टीम में कंसीस्टेंसी आएगी।” बता दें कि धोनी के नाम सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैचों में टीम की कप्तानी का रिकॉर्ड है। उन्होंने 332 मैचों में तीनों फॉर्मैट में टीम इंडिया की कप्तानी की है, जबकि रिकी पोंटिंग ने 324 मैचों में ऑस्ट्रेलिया टीम की कप्तानी की है।

Courtesy :https://www.livehinustan.com/

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