December 5, 2020
उत्तराखंड देश

भारत-नेपाल सीमा विवाद: लिपूलेख पर नेपाल ने फिर ठोका दावा, नौ सदस्यीय टीम की रिपोर्ट को बनाया आधार

भारत के पिथौरागढ़ जिले से लगे सीमावर्ती क्षेत्र लिपूलेख, कालापानी, कुटी, गुंजी, नाभी और लिम्पियाधूरा पर नेपाल सरकार ने एक दफा फिर अपना दावा ठोककर सीमा विवाद को हवा दी है। इस बार विवादित बोल के पीछे तीन माह पहले नेपाल में गठित नौ सदस्यीय टीम की एक रिपोर्ट को आधार बनाया गया है।

टीम ने अपनी रिपोर्ट नेपाल सरकार को सौंप दी है। जिसमें भारत-नेपाल के बीच सीमा निर्धारण को हुई सुगौली की संधि को जोड़-तोड़ कर अपने पक्ष में दिखाया गया है।

नेपाल ने भारत की तरफ से लिपूलेख तक बीती 8 मई को सड़क पहुंचाने के बाद सीमा विवाद को हवा दी थी। उसने तब लिपूलेख, कालापानी, कुटी, गुंजी और लिम्पियाधूरा को अपना बताते हुए इस पर दावा किया था।

बाद में नेपाल ने 21 मई को अपना नया राजनीतिक मानचित्र जारी कर इन सभी भारतीय क्षेत्रों को उसमें शामिल कर लिया था। सीमा विवाद के गहराने के बाद नेपाल की तरफ से वहां के नीति अनुसंधान प्रतिष्ठान के कार्यकारी अध्यक्ष विष्णु राज उप्रेती के नेतृत्व में एक 9 सदस्यीय टीम गठित की गई।

जिसे इस सीमा विवाद को लेकर नेपाल के पक्ष में प्रमाण जुटाने का जिम्मा दिया गया था। तीन माह में इस टीम ने सुगौली की संधि को जोड़-तोड़ कर नेपाल के पक्ष में दिखाते हुए अब नेपाल सरकार को रिपोर्ट दी है।

गृह मंत्री ने कहा, भारत से वार्ता की तैयारी
झूलाघाट। 
सीमा विवाद को लेकर नेपाल की 9 सदस्यीय टीम की रिपोर्ट तैयार होने की जानकारी नेपाली विदेश मंत्री प्रदीप ज्ञावली ने नेपाल में एक कार्यक्रम में दी है। उन्होंने कहा है कि इसी रिपोर्ट के आधार पर नेपाल भारत से वार्ता की तैयारी कर रहा है।

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