August 9, 2020
उत्तर प्रदेश नई दिल्ली राष्ट्रीय

भारत-चीन सीमा विवाद के बीच अचानक लद्दाख पहुंचे पीएम मोदी, घायल जवानों से मिले, अधिकारियों ने दी रिपोर्ट

भारत-चीन सीमा विवाद के बीच पीएम मोदी अचानक लेह पहुंचे। उनके साथ चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और सेनाप्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे भी हैं।

नई दिल्ली: भारत-चीन सीमा विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अचानक लद्दाख पहुंच गए। यहां उन्होंने लद्दाख के नीमू पोस्ट में थलसेना और वायुसेना के अफसरों से मुलाकात की। अधिकारियों ने पीएम को वर्तमान स्थिति के बारे में ब्रीफ किया। इस दौरान चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे भी मौजूद रहें। इसके बाद पीएम ने गलवान घाटी में घायल हुए जवानों से अस्पताल में मुलाकात की। अब करीब 12:30 बजे पीएम वापस दिल्ली के लिए लौट सकते हैं।

नीमू सिंधु नदी के तट पर 11,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित सबसे दुर्गम स्थानों में से एक है। यह जंस्कार पर्वत श्रृंखला से घिरा हुआ है। पहले आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को लेह का दौरा करना था, लेकिन उनका लेह जाना कैंसिल हो गया। इसके बाद अचानक खबर आई कि पीएम मोदी खुद लेह पहुंच गए।

प्रधानमंत्री मोदी का लेह दौरा ऐसे समय में काफी अहम माना जा रहा है, जब भारत और चीन के बीच कूटनीतिक स्तर पर बातचीत चल रही है। कहा जा रहा है पीएम मोदी के लेह पहुंचने का असर उन चीनी सैनिकों के मनोबल पर पड़ सकता है जिनके साथ चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग खड़े होते नहीं दिख रहे हैं। क्योंकि 15-16 जून की दरम्यानी रात गलवान घाटी में हुई झड़प के बाद से अबतक चीन ने अपने जवानों की शहादत को माना नहीं है। लेकिन भारत के प्रधानमंत्री ने न सिर्फ अपने जवानों की शहादत को याद किया, बल्कि उनका मनोबल बढ़ाने लेह भी पहुंच गए।

हाल ही में चीन के अखबार ग्लोबल टाइम्स में खबर छपी थी कि वहां के पूर्व सैनिक इस बात से नाराज हैं कि शी जिनपिंग ने अपने देश के जवानों की शहादत पर एक शब्द नहीं कहा। ऐसे में माना जा रहा है कि चीन में पुराने और नए सैनिक मिलकर बगावत की ओर बढ़ सकते हैं।

20 जवानों की शहादत के बाद पीएम मोदी ने क्या कहा था
पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में 15-16 जून की दरम्यानी रात भारत-चीन सैनिकों की झड़प में 20 भारतीय जवान शहीद हो गए थे। इसके बाद 17 जून को पीएम मोदी ने कहा था, “मैं देश को भरोसा दिलाना चाहता हूं हमारे जवानों का बलिदान वयर्थ नहीं जाएगा। हमारे लिए भारत की अखंडता और संप्रभूता सर्वोच्च है। इसकी रक्षा करने के लिए हमें कोई भी रोक नहीं सकता। इस बारे में किसी को भी संदेह नहीं होना चाहिए। भारत शांति चाहता है कि उकसाने पर हर हाल में जवाब देने में हम सक्षम हैं। हमारे दिवंगत शहीद जवानों के विषय में देश को इस बात पर गर्व होगा कि वो मारते-मारते मरें।”

11,000 फुट की ऊंचाई पर स्थित है निमू

सिंधु नदी के तट पर 11,000 फुट की ऊंचाई पर स्थित निमू सबसे दुर्गम स्थानों में से एक है। यह जंस्कार पर्वत श्रृंखला से घिरा हुआ है। मोदी ने रविवार को आकाशवाणी पर मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के जरिए देश को संबोधित करते हुए कहा था कि भारत ने लद्दाख में अपनी भूमि पर आंख उठाकर देखने वालों को करारा जवाब दिया है। उन्होंने यह भी कहा था कि भारत मित्रता की भावना का सम्मान करता है लेकिन यदि कोई उसकी भूमि पर आंख उठाकर देखता है तो वह इसका उचित जवाब देने में भी सक्षम है।

गलवान घाटी में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के साथ हिंसक झड़प में शहीद हुए 20 जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा था कि भारत के वीर सपूतों ने दिखा दिया कि वे कभी भी मां भारती के गौरव को आंच नहीं आने देंगे। प्रधानमंत्री का यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन की सेना के बीच गतिरोध जारी है।

Courtesy :https://www.abplive.com/

Related Posts