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ऋषि कुमार शुक्ला: जिन्हें कमलनाथ ने DGP से हटाया, उन्हें मोदी ने CBI का बॉस बना दिया

नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सेंट्रल ब्यूरो इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) में लंबे समय तक चली तनातनी पर आखिरकार विराम लग गया है. आलोक वर्मा को हटाकर सरकार ने शनिवार को मध्य प्रदेश के पूर्व पुलिस चीफ ऋषि कुमार शुक्ला को सीबीआई का नया निदेशक बना दिया है.

सीबीआई के नए निदेशक की नियुक्ति पर कांग्रेस ने सवाल खड़े करते हुए प्रधानमंत्री मोदी को चिट्ठी लिखी है. कांग्रेस का आरोप है कि नए निदेशक के पास इन्वेस्टिगेशन का कोई अनुभव नहीं है. हालांकि, सरकार ने कांग्रेस के इन आरोपों का जवाब दे दिया है. सीबीआई के नए निदेशक अब नागेश्वर राव की जगह लेंगे जो वर्मा को हटाए जाने के बाद इस महत्वपूर्ण पद पर कामकाज संभाल रहे थे.

कमलनाथ ने हटाया, मोदी ने बॉस बनाया- सीबीआई को जो नए बॉस मिले हैं वे मध्यप्रदेश में कमलनाथ की सरकार आते ही ताबदले का शिकार हुए थे. कमलनाथ ने आते ही ऋषि कुमार शुक्ला को डीजीपी पद से हटा दिया था. मध्य प्रदेश में जब हाल ही में कमलनाथ के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार बनी, तो यह स्पष्ट था कि वे प्रशासनिक फेरबदल पर विचार करेंगे. यह भी साफ था कि ऋषि कुमार शुक्ला पर गाज गिर सकती है, जो डीजीपी पद पर तैनात थे. मध्य प्रदेश के मंदसौर, रतलाम और इंदौर में भाजपा नेताओं की हत्या के बाद कानून और सुरक्षा पर जब सवाल उठाए गए, तो तुरंत बाद एमपी के सीएम कमलनाथ ने शुक्ला को डीजीपी के पद से हटा दिया.

117 महीनों का इन्वेस्टिगेशन अनुभव- कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे का आरोप है कि नए निदेशक को इन्वेस्टिगेशन का अनुभव नहीं है. वहीं, इंडिया टुडे टीवी की रिपोर्ट की मानें तो शुक्ला का फाइनल सलेक्शन उनके कामकाज और अनुभव के आधार पर ही किया गया है. शुक्ला के पास 117 से भी ज्यादा महीनों तक इन्वेस्टिगेशन का अनुभव है. शुक्ला को एक ‘नो-नॉनसेंस ऑफिसर’ के रूप में जाना जाता है, जिनके पास न केवल महत्वपूर्ण और संवेदनशील मामलों की जांच करने का काम होगा, बल्कि एजेंसी में अनुशासन बनाए रखना और अपने अधिकारियों को प्रोत्साहित करने जैसा काम होगा.

CBI के नए निदेशक के बारे में…

  • ऋषि कुमार शुक्ला मध्य प्रदेश के ग्वालियर के निवासी हैं, जिनकी पहली पोस्टिंग सीएसपी रायपुर में हुई थी. इसके बाद वह दमोह, शिवपुरी और मंदसौर जिले में एसपी के रूप में कामकाज संभालते रहे.
  • 1983 के आईपीएस कैडर के अधिकारी शुक्ला 2009 से 2012 तक एडीजी इंटेलिजेंस भी रहे हैं.
  • जुलाई 2016 से जनवरी 2019 तक शुक्ला मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक के रूप में तैनात थे.
  • शुक्ला को हाल ही में मध्य प्रदेश पुलिस के महानिदेशक के पद से पुलिस आवास निगम के प्रमुख के पद पर स्थानांतरित किया गया था.
  • उन्हें पूर्व सांसद सीएम शिवराज सिंह चौहान का करीबी माना जाता है. मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद उन्हें डीजीपी के पद से हटा दिया गया था.
  • 2017 में मंदसौर हिंसा को गलत तरीके से अंजाम देने के लिए उनकी कड़ी आलोचना हुई थी. उस आंदोलन में पांच प्रदर्शनकारी किसानों की गोलीबारी में मौत हो गई थी.

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