June 2, 2020
वाराणसी अपडेट व्यापार

माननीय वित्त मंत्री द्वारा आज घोषित आखरी राहत पैकेज के साथ ही सरकार के राहत पैकेज के पिटारे की पोल खुल गईs

आज देश भर के तमाम व्यापारी ,मध्यवर्ग ,सर्विस सेक्टर उद्यमी , सरकार से यह सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर इस राहत पैकेज में है क्या?
देश के इन सभी वर्गों के लोगों के लिए इस पैकेज में क्या मिला?
सरकार ने अगर इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए कोई फंड लॉन्च किया शिक्षा के लिए फंड लॉन्च किया पशुधन के लिए पैसे दिए बिजली कंपनियों को धन दिया तो इससे देश के नागरिक का क्या भला हुआ?
आम आदमी की जेब खाली की खाली ही रह गई बल्कि उनके लिए कर्ज़ों के रास्ते खोल दिए गए ।
इस पर मंथन करते हुए वाराणसी व्यापार मंडल के आर्थिक सलाहकारों की एक समिति में आज विचार विमर्श हुआ जिस पर बात करते हुए माननीय अध्यक्ष अजीत सिंह बग्गा ने सरकार से यह कहा कि यह राहत पैकेज ना होकर कर कर्ज पैकेज है ,जिसमें देश के व्यवसायियों के साथ जुड़े हुए 28 करोड़ लोगों के साथ धोखा हुआ है। सरकार ने उन सभी लोगो के मुंह पर तमाचा मारा है जो पैकेज के नाम पर खुश होकर सरकार का मुंह देख रहे थे।
प्रदेश उपाध्यक्ष रमेश निरंकारी जी ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि इस सारी कवायद का मतलब क्या था ! यह तो ऐसा लग रहा था कि जैसे एक बजट भाषण दिया जा रहा है। सरकार को कुछ देना ही था तो बिजली के बिलों को माफ करती ।कर्ज के ब्याज को माफ करती ।लोन की अवधि को आगे बढ़ाती । परन्तु ऐसा कुछ नही हुआ । युवा अध्यक्ष संजय गुप्ता ने सवाल किया कि आज सरकार ने जो कुछ भी घोषित किया है वह पूर्व बजट में घोषित किया जा चुका है उसको दोहराने का क्या मतलब था ।
महामंत्री प्रमोद अग्रहरी ने सरकार से सवाल किया कि गरीबों के लिए सरकार के मन में ही इतना ही ख्याल था तो आज हजारों प्रवासी मजदूर जो सड़कों पर घूम रहे हैं उसके लिए सरकार ने इस पैकेज में क्या किया ? लाखो की भीड़ सड़क पर चली जा रही है कोई पूछने वाला नही है । इस पैकेज से मजदूरों को क्या मिला ।
आईटी सेल अध्यक्ष संतोष सिंह ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि वित्त मंत्री चाहती है कि सभी कर्ज के जाल में फंसे रहे । आखिर क्या वजह थी कि सरकार को आरबीआई से 2 दिन पहले यह करोड़ो रूपये लेने पड़े ?
आज जिसे राहत पैकेज के नाम पर दिया जा रहा हैं ,यह सिर्फ बड़े व्यवसायिक घरानों की झोली भरने और उन्हें फायदा पहुचने के लिए बनाया गया हैं। आम नागरिक को इससे फायदा नहीं मिल रहा है। कविंद्र जयसवाल जी ने यह सवाल किया कि आखिर आम आदमी इन नेताओं के वादों पर कब तक बलि चढ़ता रहेगा ।आज देश उम्मीद की निगाह से प्रधानमंत्री की तरफ देख रहा था उनकी की घोषणा के बाद चारों तरफ हर्ष की लहर दौड़ गई थी कि मोदी जी हमारे लिए बहुत कुछ करने वाले हैं लेकिन इस सारी कवायद में कहीं भी आम लोगों का हित नहीं दिख रहा ,शिवाय निराशा के ।
आज लोग परेशान हैं कि 3 महीना बीत गया है अब हमारे कर्ज और ब्याज का क्या होगा सरकार ने इनके बारे में एक बार भी नहीं सोचा । नन्हे जायसवाल कृष्णा दुबे ,शाहिद कुरेशी, संजय जायसवाल ,शिव प्रकाश ,रमेश भारद्वाज समेत वाराणसी व्यापार मंडल ने केंद्र सरकार प्रदेश सरकार प्रशासन से मांग करता है कि इन सारी बातों को ध्यान में रखते हुए अविलंब कर्ज़ों के ब्याज को माफ किया जाए बिजली के बिल पर सर चार्ज चार्ज हटाए जाएं लोन की अवधि को 1 साल आगे बढ़ाया जाए अधिक से अधिक बसें और ट्रेनें चलाकर प्रवासी मजदूरों को उनके घर पहुंचाया जाए ।

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