March 6, 2021
उत्तर प्रदेश वाराणसी अपडेट

सूर्यकुमार यादव के टीम इंडिया में चयन पर बनारस से गाजीपुर तक जश्न, पूरे गांव में बंटीं मिठाइयां

सूर्यकुमार यादव के टीम इंडिया में चयन का जश्न रविवार को वाराणसी से गाजीपुर तक मनाया गया। सूर्यकुमार के गाजीपुर स्थित पैतृक गांव हथौड़ा में तो जबरदस्त उल्लास नजर आया। यहां पूरे गांव में मिठाइयां बंटीं। सैकड़ों लोगों का उनके घर पर जुटान हुआ और सुबह से ही आतिशबाजी के साथ जश्न का दौर शुरू हो गया। इससे पहले उनके चाचा विनोद यादव के परिवार के साथ दोस्तों और रिश्तेदारों ने वाराणसी में मिठाइयां बांटीं। सूर्यकुमार की कामयाबी को परिवार के साथ कोच, दोस्तों, क्रिकेट के साथियों, ट्रेनर समेत तमाम लोगों ने जश्न मनाया। पहली बार टीम इंडिया में बनारस या गाजीपुर के किसी युवा का चयन हुआ है।

गाजीपुर के सैदपुर का गांव हथौड़ा रविवार को सूर्यकुमार यादव के इंडिया टीम की नीली जर्सी पहनने का सपना सच होने पर गौरवान्वित था। सूर्य कुमार के चाचा विनोद यादव ने गांव भर में मिठाई बांटी तो मैदान में स्वागत समारोह आयोजित किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम के बीच कलाकारों ने प्रस्तुतियां दीं तो बधाइयों का तांता लगा रहा।

सूर्य कुमार के जीवन के किसी भी पहलू में भागीदार बने मार्गदर्शकों का माला पहनाकर स्वागत किया गया। चाचा विनोद यादव ने बताया कि सूर्यकुमार यादव ने यूएई में 480 रन बनाए थे और वह टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में नंबर सात पर थे, लेकिन जब उनका चयन ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए नहीं हुआ था तो हम लोग निराश हो गए थे। लेकिन अब टीम इंडिया में शामिल होने की इतनी बड़ी खुशी मिली है। हमारा परिवार और गांव इससे गदगद है और हम सेलेक्टरर्स के आभारी हैं। युवा शक्ति संघ के तरफ से स्वागत किया गया।

पूरा परिवार आज भी हथौड़ा में ही रहता है
सूर्यकुमार यादव का परिवार गाजीपुर का मूल निवासी है। पिता अशोक यादव का पूरा परिवार अब भी हथौड़ा गांव में रहता है। पिता अशोक कुमार यादव की मुंबई में नौकरी के कारण सूर्यकुमार की एजुकेशन मुंबई में ही हुई। सूर्यकुमार कुमार यादव के पिता अशोक यादव मुंबई में ही भाभा अटानमिक रिसर्च सेंटर (बीएआरसी) में इंजीनियर हैं। दादा श्री विक्रमा सिंह यादव सीआरपीएफ में इंस्पेक्टर रहे और 1991 में राष्ट्रपति पुलिस मेडल से सम्मानित हुए थे। सूर्यकुमार यादव ने मुंबई के ही परमाणु ऊर्जा केंद्रीय विद्यालय से शुरुआती पढ़ाई की। पिल्लई कॉलेज ऑफ आर्ट्स, कॉमर्स एंड साइंस मुंबई से बीकाम किया। सूर्या के शुरुआती कोच इनके चाचा विनोद यादव रहे। बाद में चंद्रकांत पंडित और एचएस कामथ से कोचिंग ली।

चार साल दोस्ती के बाद देविशा से शादी
सूर्या ने 2016 में अपनी फ्रेंड और डांस कोच देविशा शेट्टी से शादी की। 2012 में सूर्यकुमार की मुलाकात पहली बार अपनी देविशा से आरए पोडर कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड इकोनॉमिक्स मुंबई में हुई। देवीशा सूर्यकुमार की बल्लेबाजी से काफी प्रभावित थीं, जबकि सूर्यकुमार देवीशा के नृत्य से प्रभावित थे। परिवार में पिता अशोक और मां सपना के अलावा बहन दिनल हैं। सूर्या इस समय भारत पेट्रोलियम में मैनेजर है।

लॉकडाउन में कड़ी मेहनत ने दिखाया था रंग
आकाश चोपड़ा के शो आकाशवाणी में इंटरव्यू के दौरान सूर्यकुमार यादव ने आईपीएल 2020 में अपनी कामयाबी को लेकर बात करते हुए कहा कि उन्होंने लॉकडाउन के समय में खुद की फिटनेस और खेल पर काफी काम किया था। इसका उनको फायदा मिला। उन्होंने इस सीजन की शुरुआत से पहले कुछ नए शॉट्स पर भी काम किया था, जो कि उनके लिए काफी कारगर रहे। पिछले सीजन तक सूर्युकमार यादव का स्ट्राइक रेट शुरू के 6 ओवर के बाद काफी कम हो जाता था, लेकिन इस बार पूरे मैच के दौरान तेजी से रन बटोरे। इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 सिरीज में टीम इंडिया के सदस्य बने सूर्यकुमार

मुख्य उपलब्धियां 
सूर्य कुमार 2013 में अंडर-23 टीम में बतौर कप्तान शामिल हुए और इमर्जिंग एशिया कप भारत की झोली में डाला था। 2011-12 के रणजी सीज़न में उड़ीसा के खिलाफ दोहरा शतक लगाया। वर्ष 2010-11 के सत्र में अंडर-22 में 1000 से अधिक रन बनाए और एमए चिदंबरम ट्रॉफी जीती। वर्ष 2011-12 के रणजी ट्रॉफी सत्र में सर्वाधिक 754 रन बनाए थे। 2011-12 रणजी सीजन में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था। इसी के बाद आईपीएम में शामिल हुए। सूर्या अपने सिग्नेचर शॉट ‘स्वीप शॉट’ के लिए जाने जाते हैं। वह तेज गेंदबाजों के खिलाफ डीप स्क्वायर लेग पर छक्का लगाने का भी सामर्थ्य रखते हैं।

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