November 26, 2020
व्यापार

कर्ज के चक्रव्यूह में फंस रही है दुनिया, अमेरिका, चीन पर इतना है लोन का बोझ

कोरोना ने दुनिया के सभी देशों की आर्थिक मुश्किलें बढ़ा दी हैं। आर्थिक रूप से मजबूत और विकसित कहे जाने वाले देशों की हालत ज्यादा खराब है। कोरोना संकट की वजह से इस साल के अंत तक वैश्विक कर्ज बढ़कर 277 खरब डॉलर का हो जाएगा। इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल फाइनेंस (आईआईएफ) की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है।

हैसियत से 400 गुना से ज्यादा कर्ज
432 गुना पहुंचा विकसित देशों पर कर्ज उनकी जीडीपी का
250 गुना पहुंचा उभरती अर्थव्यवस्था पर कर्ज उनकी जीडीपी का

किस पर कितना कर्ज
– 80 खरब डॉलर का कर्ज हो जाएगा अमेरिका पर साल के अंत तक
– 71 खरब डॉलर का कर्ज था पिछले साल अमेरिका पर
– 53 खरब डॉलर का कर्जदार हो चुका है यूरो क्षेत्र
– 1.5 खरब डॉलर का कर्ज बढ़ा इस साल यूरो क्षेत्र पर

चीन और लेबनान की हालत पतली

रिपोर्ट के मुताबिक उभरती अर्थव्यवस्था में चीन, लेबनान, तुर्की और मलेशिया की हालत ज्यादा खराब है। इन देशों में गैर-वित्तीय क्षेत्र में कर्ज तेजी से बढ़ा है। इसके अलावा सरकारों और कंपनियों का राजस्व घटने से कर्ज चुकाने की क्षमता की कम हुई है।

कोरोना के मर्ज स बढ़ा खर्च

रिपोर्ट में कहा गया है कि कोरोना संकट ने एक तरफ दुनियाभर की सरकारों और कंपनियों की कमाई घटा दी है। वहीं उन्हें कोरोना से लड़ने के लिए ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है। इस वजह से दुनियापर कर्ज तेजी से बढ़ रहा है।

आईएमएफ की चेतावनी

वैश्विक जीडीपी को भी इस साल बड़ा झटका लगने वाला है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने कहा कि वैश्विक जीडीपी में इस साल तेज गिरावट आएगी। कोरोना की वजह से यात्रा पर प्रतिबंध और कारोबार स्थगित होने की वजह से ऐसा होगा।

वैश्विक जीडीपी को झटका

4.4 फीसदी की गिरावट आएगी वैश्विक जीडीपी में इस साल
5.2 फीसदी वैश्विक जीडीपी में तेजी की उम्मीद अगले साल

Courtesy :https://www.livehinustan.com/

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